PM Vishwakarma Yojana: आज के समय में अगर सरकार की कोई योजना सीधे मेहनत करने वाले लोगों के लिए राहत लेकर आई है, तो वह है पीएम विश्वकर्मा योजना। यह योजना उन लोगों के लिए है जो अपने हाथों के हुनर से काम करते हैं, जैसे बढ़ई, लोहार, कुम्हार, दर्जी, मोची, सुनार और ऐसे कई कारीगर।
कई लोग सालों से मेहनत तो कर रहे हैं, लेकिन उन्हें सही सहारा और पहचान नहीं मिल पाती। ऐसे में अगर सरकार रोज ₹500 तक की ट्रेनिंग सहायता और साथ में ₹15,000 तक की टूलकिट मदद दे रही है, तो यह किसी बड़ी राहत से कम नहीं है। चलिए आराम से समझते हैं कि यह योजना क्या है और इसमें अप्लाई कैसे करना है।
पीएम विश्वकर्मा योजना क्या है और किसके लिए है?
पीएम विश्वकर्मा योजना उन पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लिए बनाई गई है जो अपने हाथ से काम करके रोजी-रोटी कमाते हैं। गांव हो या शहर, ऐसे लाखों लोग हैं जो छोटी-छोटी दुकानों या घर से काम करते हैं। सरकार चाहती है कि इन लोगों को पहचान मिले, उन्हें ट्रेनिंग मिले और उनका काम आगे बढ़े। इस योजना के तहत कारीगरों को पहले रजिस्ट्रेशन किया जाता है, फिर उन्हें स्किल ट्रेनिंग दी जाती है ताकि वे अपने काम को और बेहतर कर सकें। ट्रेनिंग के दौरान रोज ₹500 तक की सहायता दी जाती है, ताकि सीखते समय कमाई पर असर न पड़े।
रोज ₹500 और ₹15,000 की मदद कैसे मिलती है?
जब कोई व्यक्ति इस योजना में चयनित होता है, तो उसे बेसिक और एडवांस ट्रेनिंग दी जाती है। ट्रेनिंग के दौरान उसे रोज ₹500 तक की सहायता राशि दी जाती है। इसके अलावा सरकार की तरफ से ₹15,000 तक की टूलकिट सहायता भी दी जाती है। इसका मतलब यह है कि अगर आप बढ़ई हैं तो आपको नए औजार खरीदने में मदद मिलेगी, अगर आप दर्जी हैं तो सिलाई मशीन या अन्य सामान लेने में सहारा मिलेगा। यह पैसा सीधे आपके बैंक खाते में भेजा जाता है, इसलिए बैंक खाता और आधार लिंक होना जरूरी है।
योजना में और क्या फायदे मिलते हैं?
इस योजना में सिर्फ ट्रेनिंग और टूलकिट ही नहीं, बल्कि आगे बढ़ने का मौका भी मिलता है। सरकार कम ब्याज दर पर लोन की सुविधा भी देती है, ताकि आप अपना काम छोटा से बड़ा कर सकें। कई कारीगरों को डिजिटल भुगतान की ट्रेनिंग भी दी जाती है, जिससे वे ऑनलाइन पेमेंट ले सकें और ज्यादा ग्राहकों तक पहुंच सकें। एक तरह से यह योजना मेहनती लोगों को आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश है।
पीएम विश्वकर्मा योजना में अप्लाई कैसे करें?
अगर आप इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो सबसे पहले देख लें कि आपका काम योजना की सूची में आता है या नहीं। उसके बाद आप अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर यानी सीएससी पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। वहां आपका आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और बैंक खाते की जानकारी ली जाएगी। आवेदन के बाद आपकी जानकारी की जांच होगी और सब सही होने पर आपको आगे की प्रक्रिया के लिए बुलाया जाएगा। कई जगहों पर ग्राम पंचायत या नगर निकाय के जरिए भी जानकारी दी जा रही है, इसलिए वहां भी संपर्क कर सकते हैं।
किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है?
सबसे जरूरी बात यह है कि आवेदन करते समय सही जानकारी दें। गलत जानकारी देने पर आवेदन रद्द हो सकता है। अपना मोबाइल नंबर चालू रखें क्योंकि कई बार मैसेज के जरिए सूचना दी जाती है। अगर कोई आपसे कहे कि योजना का लाभ दिलाने के लिए पैसे देने होंगे, तो सावधान हो जाएं। सरकार की आधिकारिक प्रक्रिया में इस तरह की कोई फीस नहीं होती।
क्यों यह योजना खास मानी जा रही है?
आज के समय में बहुत से कारीगर ऐसे हैं जो हुनर तो रखते हैं, लेकिन साधन नहीं। यह योजना उन्हें साधन और सहारा देने की कोशिश है। जब किसी मेहनती इंसान को सही ट्रेनिंग, औजार और थोड़ी आर्थिक मदद मिलती है, तो उसका आत्मविश्वास बढ़ जाता है। वह अपने परिवार को बेहतर जिंदगी दे सकता है। यही वजह है कि पीएम विश्वकर्मा योजना को छोटे कारीगरों के लिए एक बड़ी पहल माना जा रहा है।
डिस्क्लेमर
यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। योजना से जुड़ी ताजा और आधिकारिक जानकारी के लिए केवल सरकारी वेबसाइट या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर से ही पुष्टि करें। किसी भी अफवाह या फर्जी व्यक्ति से सावधान रहें।